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Wednesday, 8 July 2015

सब कुछ नकली

अब तक तो नकली नोट, नकली डिग्री और नकली दवाइयां सुनते आये थे पर अब तो नकली यूनिवर्सिटी भी सामने आ गई हैं. विश्विद्यालय अनुदान आयोग याने UGC ने पिछले दिनों उन यूनिवर्सिटीस की लिस्ट जारी की जो जाँच करने पर नकली पाई गईं हैं. इस पर तो यही याद आता है की - हैरां हूँ दिल को रोऊँ या पीटूं जिगर को मैं!

जिन्होंने भी ये नकली संस्थाएं बनाई उन महानुभावों ने इनके नाम भी अजब गजब के रखे हैं पढ़ कर अच्छे भले लोग लोचा खा जाएँ. गाँधी, इंडिया और गुरुकुल जैसे शब्द इस्तेमाल किये हैं जो भ्रामक हैं. नमूने के तौर पर गौर फरमाइए जरा :

1. United Nations University, Delhi - यूनाइटेड नेशनस यूनिवर्सिटी, दिल्ली. छोटे मोटे नाम रखने का क्या फायदा जनाब? जब नाम रखना ही है तो दुनिया की मशहूर संस्था पर क्यूँ न रखा जाये? कम से कम ऐसा तो लगे की जैसे UNO ने दिल्ली में एक शाखा खोल दी है. बस पढाई करो और पढ़ाई करके सीधा बिना रुके न्यू यॉर्क !

2. Indian Institute of Alternative Medicine - इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ अल्टरनेटिव मेडिसिन, कोलकोता. इन्हें इंडिया से लगाव हो न हो पर Indian शब्द से काफी लगाव रहा होगा. पढ़ कर लगता है की भारत सरकार का कोई नया उपक्रम खुला है! इसमें शायद नए किस्म के डॉक्टर बन कर निकलेंगे. यहाँ का पढ़ा हुआ डॉक्टर शीर्षासन करते हुए मन्तर पढ़ेगा " आलतू जल्लालतू आई बला को टालतू " और बस बिना दवाई खाए आप दौड़ने लग जाएँगे.

3. Commercial University Ltd. Delhi - कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड दिल्ली. इन महानुभाव ने तो संस्था को कम्पनी बना डाला वो भी भारत सरकार की नाक के नीचे दिल्ली में. बहुत उच्च स्तरीय कॉमर्स पढ़ाने का इरादा होगा इनका. अब तो क्या पढ़ा पाएँगे पर अपना कॉमर्स शायद पूरा कर लिया होगा.

 नक़ल और नकली के फायदे
अगर नक़ल या नकली या नकलची पर गौर करें तो लगता है की तीनों फायदे की चीज़ें हैं.
नक़ल तो हम फ़ोटोस्टेट मशीन से रोज ही करते रहते हैं. फिर उन दस्तावेजों की नक़ल को अटेस्ट कर के असल में तब्दील कर लेते हैं. नक़ल के और नमूने देखिये बॉलीवुड की बहुत सी फिल्मों में जो हॉलीवुड में बनी फिल्मों में से की जाती हैं. गानों, संगीत और डांस की भी नक़ल कर ली जाती है. पर आपका मनोरंजन तो होता ही है!

अब रिटायर होने के बाद असली डॉक्टर से नकली  दांत लगवाये हैं. भई कमाल की नकली दांत हैं जो असली से ज्यादा काम कर रहे हैं. नक़ल के मामले में कुदरत भी कम नहीं है. वो ऐसे की हाथी के दांत देखिये खाने के और दिखाने के और! गिरगिट को देखिये कैसे कैसे नकली रंग बदलता है.

नकलची भी असल से ज्यादा कामकर जाते हैं. इन नकलची या कॉमेडियन के शो भी धड़ल्ले से चल रहे हैं जिसमे असली नेता और अभिनेता की नक़ल का मजा दिलाते हैं.

किसान को देखिये खेत में नकली इंसान खड़ा कर देता है ताकि चिड़ियाँ बीज न चुग लें!

तो साब नक़ल और नकली चीजें व्यापक रूप से फैलती जा रही हैं. और अब समय आ गया है एक असली-नकली जाँच मंत्रालय बनाने का जो पूरी तहकीकात करने के लिए तैयार हो याने दूध का दूध और पानी का पानी करने को तैयार हो. बेहतर होगा की दूध से निकले पानी का भी उपयोग भी कर ले. यह मंत्रालय जासूसों, स्पाई कैमरे वगैरा से पूरी तरह लैस हो ताकि शिकायत मिलने पर तुरंत गुप्त तरीकों से करवाई कर सके.

पर हाँ इस 'असली-नकली जांच मंत्रालय' का प्रभारी मंत्री असली डिग्री वाला हो !

असली या नकली ?



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