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Saturday, 8 August 2026

दादी, दादू और बिट्टू - 1

"शेर खान"

सोने का टाइम हो चुका था और दादी और दादू बिस्तर में लेटे आराम से बतिया रहे थे। तभी दरवाज़ा खुला और बिट्टू अंदर आ गया। दादी बोली, 

-अरे तू सोया नहीं अभी तक ? सुबह स्कूल जाना है बेटा जा सो जा मम्मी पापा के पास। 

- नहीं दादी पहले कहानी सुनाओ, ये कह कर बिट्टू दादी और दादू के बीच में कूद पड़ा। 

दोनों ने मिल कर बिट्टू के लेटने के लिए जगह बनाई और दादू ने अपना कम्बल शेयर किया। बिट्टू दोनों के बीच में सेट हो गया। दादी बोली, 

- दादू चलो बिट्टू को अच्छी सी कहानी सुनाओ। 

दादू बोले - ठीक है सुनाता हूँ। एक आदमी जंगल में से जा रहा था। इस पर बिट्टू बोल पड़ा,

- Why he was going in jungle? 

- हूँ ! दादू को पता था कि बिट्टू है तो छे साल का पर बैंगलोर के बच्चों की तरह इंग्लिश ज्यादा बोलता है। और दूसरे उसे कोई भी कहानी सुनाओ तो उस में चार पांच सवाल जरूर करता है। इसलिए दादू जवाब के लिए तैयार रहते हैं।

 - उसको सूखी लकड़ियां लानी थी। 

-Why? बिट्टू बोला।  

- उसको लकड़ी जला कर आग सेकनी थी। ठण्ड में ना तो उसके पास हीटर था और ना ही कम्बल। उस आदमी का क्या नाम था बताओ ? 

- No. I don't know.

- उसका नाम था एन्ड्रोक्लीज़। एंड्रो को जंगल में शेर की आवाज़ सुनाई पड़ी। 

- Was it lion or tiger ? बिट्टू ने पुछा। 

- लायन याने शेर था शेर। जैसे जंगल बुक  में शेर खान होता है वैसा ही था। पर उसकी आवाज़ दहाड़ने जैसी नहीं थी - "हाआआ" बल्कि रोने जैसी थी "हाआ ऊँ"! दादू ने आवाज़ निकाल कर बताई। फिर दादी ने भी अपनी आवाज़ में बताया की शेर खान कैसे बोल रहा था। दादी ने कहा, 

- शायद बीमार होगा ये शेर खान। 

अब तो बिट्टू चुप हो गया और बड़े ध्यान से छत को देखने लगा। शायद सोच रहा था कि आगे क्या होगा ? दादू ने कहानी आगे बढ़ाई: 

- एंड्रो ने देखा कि एक शेर तीन पैरों पर लंगड़ाता हुआ उसी की तरफ आ रहा है। एक पैर ऊपर उठा रखा है और उसमें से खून टपक रहा है। दर्द में शेर खान कह रहा है - बचाओ ! बचाओ ! Help me ! एंड्रो ने सोचा इसकी मदद करनी चाहिए। वो डरते डरते शेर के पास गया।  

अब बिट्टू ने सहम कर कम्बल को दोनों हाथों से जोर से पकड़ लिया। अब क्या होगा ? क्या शेर एंड्रो को खा जाएगा ? तब तक दादू बोले , 

- एंड्रो ने डरते डरते शेर खान का पंजा पकड़ा और देखा कि उसमें एक बड़ा काँटा फंसा हुआ था। एंड्रो ने कांटा खिंच कर निकाल दिया। शेर खान को आराम मिला और वो धीरे धीरे चलता हुआ झाड़ियों के पीछे जंगल में चला गया। एंड्रो भी खुश हो गया। 

यह सुन कर बिट्टू रिलैक्स हो गया और उसने कम्बल को ढीला छोड़ दिया ! अब वो मुस्करा कर आगे का किस्सा सुनने लगा। स्टोरी में अब क्या होगा ? दादू ने कहानी आगे बढ़ाई :  

- एंड्रो अभी कुछ दूर ही गया था कि राजा के सिपाही आ गए और उसे पकड़ कर राजा के पास ले गए। सिपाही ने राजा से कहा,

- महाराज ये एंड्रो जंगल की लकड़ियां चोरी करने आया था, आप इसे सजा दो। 

- हूँ, राजा बोला - इसे शेर खान से लड़ना होगा। जाओ शेर खान को लाओ ! 

ये सुन कर बिट्टू ने कम्बल फेंका, पलंग से छलांग लगाई और भागा मम्मी के पास।      

किस्सा सुन के दादी ने बनाया ये चित्र  😍

1 comment:

Harsh Wardhan Jog said...

https://jogharshwardhan.blogspot.com/2026/08/1.html