"नाचते सांप"
बैंगलोर शहर एक पथरीले ऊँचे पठार याने plateau पर बसा हुआ है। यहाँ की धूप तीख़ी होती है और यहाँ बारिश भी खूब होती है। तालाब और झीलें बहुत हैं (कभी यहाँ 300 से ज्यादा थीं और अब 100 से कम हैं)। अगर लोग यहाँ रहना छोड़ दें तो ये जगह बहुत जल्द घने जंगल में बदल जाए और बहुत से कीट - पतंगे, सांप - बिच्छू, पक्षी और जानवर भी यहाँ रहने लगें। पर ऐसा होना तो अब असंभव है।
बहरहाल, अभी भी सांप - बिच्छू, कीट - पतंगे और पक्षी बहुत हैं। अगर आप यहाँ किसी झील - जैसे कि डोड्डाठागुर लेक, घूमने जाएं तो आपको ऐसा नोटिस देखने को मिलेगा:
| साँपों से सावधान - डोड्डाठागुर लेक, इलेक्ट्रॉनिक सिटी फेज़ 1, बैंगलुरु |
घूमने का शौकीन है इसलिए पापा मम्मी के साथ गाड़ी में जाता रहता है। उसे रिसोर्ट पसंद आते हैं जहाँ दौड़ लगाना और फुटबॉल खेलना अच्छा लगता है। वहाँ फ्रेंच फ्राइज़ भी मिलती हैं।
एक बार तीन दिन की छुट्टी थी तो वो मम्मी पापा के साथ सकलेशपुर के एक रिसोर्ट में गया। रिसोर्ट में एक छोटी सी नहर भी थी। उसने सोचा की वहां बत्तखें और मछलियाँ भी होंगी। पापा और बिट्टू नहर पर बनी पुलिया पर मछलियॉँ देखने के लिए खड़े हो गए।
ना बत्तख दिखी और ना मछली। पर उन्हें साँपों का एक जोड़ा पानी में डांस करते हुए दिखा। वे कभी पानी में और कभी किनारे की तरफ डांस करते हुए जाते और फिर पानी में वापिस आकर डांस कर रहे थे।
ऐसा नज़ारा कहाँ देखने को मिलता है! पापा ने मोबाइल में ये डांस रिकॉर्ड कर लिया।
इस डांस पर पापा और बिट्टू की कुछ इस तरह से बातचीत हुई :Bittoo - Papa they want to bite us?
Papa - No.
Bittoo - Papa are they poison(ous) or are they not? Tell me.
Papa - May have poison.
Bittoo - Why?
Papa - I am not sure why.
Bittoo - Because they want to bite us?
Papa - No.
अगर आप भी कहीं बैंगलौर के आस पास किसी रिसोर्ट में जा रहे हैं तो हो सकता है कि आपको भी Snake Dance देखने को मिल जाए !
1 comment:
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