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Saturday, 1 April 2017

जोधपुर

थार रेगिस्तान में बसा जोधपुर, राजस्थान का दूसरा बड़ा शहर है. इसकी स्थापना राठोड़ राजपूत राजा राव जोधा ने की थी. राव जोधा मंडोर के रहने वाले थे और उन्होंने आस पास का बड़ा इलाका जीत कर मारवाड़ राज बनाया. राव जोधा ने 14 मई 1459 के दिन मंडोर से नौ किमी दूर, भोर चिड़िया नामक पहाड़ी पर मेहरानगढ़ की नींव रखी. यह किला 125 मीटर ऊँची पथरीली चट्टान पर बना एक विशालकाय किला है जो पूरे शहर पर छाया हुआ है.

दिल्ली से जोधपुर की दूरी 600 किमी है और जयपुर से 340 किमी. जोधपुर रेल, सड़क औऱ हवाई रास्ते से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. रेगिस्तान में होने के कारण गर्मी में तापमान 50 के नज़दीक पहुँच सकता है और सर्दी में एक दो डिग्री तक. बारिश 15 - 20 दिन ही होती है. बारह महीने तीख़ी और चटक धूप खिली रहती है जिसकी वजह से जोधपुर को सूर्य नगरी भी कहा जाता हैै. प्रस्तुत हैं कुछ फोटो :


मेहरान गढ़ से नीले शहर का एक दृश्य.  जोधपुर की जनसँख्या 1911 में 0.59 लाख थी और 2011 में 11.37 लाख  

ये है विशालकाय मोर-नुमा मेहरान गढ़ जिसकी छत्रछाया पूरे शहर पर है 

जसवंत थड़ा से मेहरान गढ़ का एक दृश्य 

जोधपुर के चटक रंग 

सरदार मार्किट और मेहरान गढ़ 

रंगीलो राजस्थान 

मेहरान गढ़ की तोपें और शहर 


जोधपुर की एक पुरानी  हवेली 

लाल, गुलाबी और सफ़ेद पत्थरों से बना घंटाघर 

शहर और शहर के पीछे दिख रहा है उम्मेद भवन 

जसवंत थड़ा से लिया गया एक फोटो 

किले से जसवंत थड़ा 

किले का एक और दृश्य 




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